#सापेक्षता का सिद्धांत (Theory of Relativity )
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दोस्तों, महान वैज्ञानिक Einstein के बारे में कौन नहीं जानता, उन्होनें ही हमें सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत (General Relativity Theory) के बारे में बताया था।
सापेक्षता के सिद्धांत की मदद से Einstein ने यह अनुमान लगाया था की ब्रह्माण्ड के बढ़ने या विस्तार करने का कोई निश्चित दर नहीं है, ब्रह्माण्ड की सभी चीज़े एकदूसरे के सापेक्ष बढ़ रही हैं मतलब की एक दूसरे से सापेक्ष मात्र में दूर जा रही है, इसलिए इसे सामान्य सापेक्षता का सिध्धांत कहाँ जाता है।समय हर किसी के लिए एक ही दर पर नहीं चलता (बीतता) हैं।
तेजी से चल रहा (तेजी से मूवमेंट कर रहा) एक पर्यवेक्षक किसी स्थिर पर्यवेक्षक के मुकाबले समय को थोडा धीरे से बीतता हुआ महसूस करेंगा, इस घटना को समय का फैलाव (time dilation) कहा जाता है।
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# विशेष सापेक्षता सिद्धांत (special theory of relativity in hindi)
जनरल थ्योरी सिर्फ इनर्शियल फ्रेम में ही मान्य है। लेकिन ब्रह्मांड में कुछ भी एक गति से नहीं चलता। सब कुछ त्वरणयुक्त है। जिसका अर्थ ये हुआ कि जनरल थ्योरी असल दुनिया में लागू ही नहीं होती। इस कमी को सुधारने के लिए स्पेशल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी दी गई।
ये थ्योरी गुरुत्वाकर्षण से संबंधित है। हम जानते हैं कि तीन आयाम (डाइमेंशन्स) होते हैं। जिन्हें x,y और z से संबोधित किया जाता है। आइंस्टीन का कहना था कि समय चौथा डायमेंशन है।
सोचिए कि आपसे ज़मीन पर पानी गिर गया। तो कुछ ही देर में पानी इधर उधर फैलेगा और अलग अलग आकार लेगा। इसको हम एक चलचित्र की तरह देख सकते हैं जो कि समय के साथ बदलता है।
स्पेस टाइम को एक फैले हुए कपड़े की तरह मानते हैं जिसपे भार (मास) के कारण वक्र आते हैं। जितना ज्यादा भार, उतना ज्यादा वक्र। गुरुत्वाकर्षण भी वक्र के कारण की लगता है।
ये भी माना जाता था कि प्रकाश एक सीध में चलता है। परंतु इस थ्योरी से प्रमाणित हुआ कि प्रकाश को मोड़ा जा सकता है। और जो वस्तु जितनी भारी, उससे टकराने के बाद प्रकाश उतना ही ज़्यादा मुड़ेगा। प्रकाश के मुड़ने की वजह से ही हम सूर्य के पीछे के तारों को देख पाते हैं।
आश्चर्यजनक तो ये खोज थी कि समय गुरुत्वाकर्षण से भी संबंधित है।जहाँ गुरुत्वाकर्षण तीव्र, वहाँ समय धीमे बीतता है, जैसे कि पृथ्वी का केंद्र। और जहाँ गुरुत्वाकर्षण कम, वहाँ समय जल्दी बीतता लगता है, जैसे ऊंचे पर्वत। इसी खोज के कारण आज जीपीएस सिस्टम बन पाया है


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